पटना: बिहार में विधानसभा चुनाव का प्रचार अपने चरम पर है। इस बीच तेज प्रताप यादव और भाजपा नेता रवि किशन को एक साथ बातचीत करते हुए पटना एयरपोर्ट पर देखा गया। तेज प्रताप यादव गया जी जिले में अपनी पार्टी के उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार कर लौट रहे थे, जबकि रविकिशन ने पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण जिलों में भाजपा की सभाओं को संबोधित किया था। दोनों की मुलाकात के बाद अब राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। ऐसा माना जा रहा है कि चुनाव के बाद तेज प्रताप यादव एनडीए को समर्थन भी दे सकते हैं। हालांकि यह सब अभी तक सिर्फ अटकलें ही हैं, इसपर जो भी निर्णय लिया जाना होगा वह तो चुनाव के बाद ही पता चल सकेगा।
‘निस्वार्थ सेवकों का भाजपा में स्वागत’
पटना एयरपोर्ट पर दोनों नेताओं को एक साथ देखने पर पत्रकारों ने उनसे सवाल किया। इस पर भाजपा सांसद रवि किशन ने कहा, “हम इनको जितना देख रहे हैं या जान रहे हैं, इनके हृदय को सब लोग बहुत प्रेम कर रहे हैं। ये अच्छे दिल वाले इंसान हैं और भोलेनाथ के भक्त हैं। भाजपा में मोदी जी के यहां सारे औघड़दानी, भोलेनाथ के भक्त, हमारे प्रधानमंत्री भी भोलेनाथ के भक्त हैं, तो सारे लोग जिसका लक्ष्य सेवा है और बिना किसी पर्सनल एजेंडा के निस्वार्थ सेवा है, उसके लिए भाजपा सदैव अपना पूरा सीना खोल के रखती है और ये बात किसी से छिपी नहीं है। इनकी (तेज प्रताप यादव) छवि भी वही एक निस्वार्थ सेवक की आ रही है।”
‘बिहार पहले से ज्यादा अद्भुत हो गया’
वहीं जब तेज प्रताप के साथ गलत होने को लेकर सवाल पूछे जाने पर रवि किशन ने कहा कि यह चुनाव का समय है। इस समय कुछ भी गलत-सही नहीं बोलूंगा, लेकिन जनता यह तय करेगी, मेरे बोलने से कुछ नहीं होगा। जनता और प्रभु सब जानते हैं, वो आंख के अंदर से आत्मा पढ़ लेती है, ये जनता है। ये बिहार अब वो नहीं है, ये बिहार अब पहले से ज्यादा अद्भुत हो गया है।
‘रोजगार देने वाले को देंगे समर्थन’
वहीं तेज प्रताप यादव ने भी पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “अभी मुलाकात हुई है, पहली बार रवि किशन जी से मुलाकात हुई। ये भी भगवान भोलेनाथ के भक्त हैं और हम भी भोलेनाथ के भक्त हैं और यहां मुलाकात हो गई।” एनडीए को समर्थन देने को लेकर पूछे गए सवाल पर तेज प्रताप ने कहा कि हमने पहले ही कहा था जो बेरोजगारी मिटाएगा, जो रोजगार देगा हम उसके साथ रहेंगे। बीजेपी के लोगों द्वारा प्रशंसा किए जाने को लेकर की गई बात पर तेज प्रताप ने कहा कि प्रशंसा क्यों नहीं करेंगे, ये भी टीका लगाते हैं हम भी टीका लगाते हैं।
