बर्मिंघम: भारत की अनुभवी महिला शटलर पीवी सिंधु ने बर्मिघम कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया है। सिंधु ने महिलाओं की एकल स्पर्धा के फाइनल में हांगकांग में जन्मी कनाडा की शटलर मिशेल ली को 21- 15, 21-13 से हराया। कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में सिंधु का एकल स्पर्धा में यह पहला स्वर्ण पदक है। मिशेल ली वही खिलाड़ी हैं जिन्होंने 2014 ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स में सेमीफाइनल में पीवी सिंधु को हराया था। ऐसे मे सिंधु ने मिशेल ली से 8 साल बाद उस हार का बदला भी ले लिया। सिंधु को फाइनल मुकाबला जीतने के लिए 48 मिनट तक कोर्ट पर पसीना बहाना पड़ा।

पीवी सिंधु का कॉमनवेल्थ गेम्स में ओवरऑल 5वां मेडल है। उन्होंने गोल्ड कोस्ट 2018 में मिक्स्ड टीम के साथ गोल्ड मेडल और वुमेंस सिंगल्स में सिल्वर मेडल जीता था। इससे पहले ग्लास्गो 2014 गेम्स में उन्होंने मिक्स्ड टीम में सिल्वर और वुमेंस सिंगल्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। पीवी सिंधु की मिशेल के खिलाफ 11 मैच में यह नौवीं जीत है। फाइनल में सिंधु के बाएं पैर में पट्टी बंधी थी जिससे कुछ हद तक उनकी मूवमेंट प्रभावित हुई और इसका असर उनके प्रदर्शन पर भी दिखा। उन्होंने कुछ मौकों पर मिशेल को आसान अंक बनाने का मौका दिया। सिंधु ने रैली में बेहतर प्रदर्शन किया और उनके ड्रॉप शॉट भी दमदार थे। मिशेल ने काफी सहज गलतियां की जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा।

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भारत का बर्मिंघम खेलों की बैडमिंटन प्रतियोगिता का यह चौथा पदक है। इससे पहले मिश्रित टीम के रजत पदक के अलावा किदांबी श्रीकांत ने पुरुष एकल जबकि त्रीशा जॉली और गायत्री गोपचंद की जोड़ी ने महिला युगल में कांस्य पदक जीते।

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