कांग्रेस की वरिष्ठ नेता को आखिरी बार छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में संपन्न पार्टी के 85वें महाधिवेशन में 25 फरवरी को देखा गया था, जहां उन्होंने अपने भाषण में कहा था कि सबसे बड़ी खुशी है कि ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के साथ उनकी पारी का अंत हो सका। मीडिया के एक हिस्से में उनके बयान को ‘राजनीति से संन्यास’ के रूप में पेश किया गया था, जिसका बाद में पार्टी ने खंडन किया। सोनिया गांधी की टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस महासचिव कुमारी सैलजा ने कहा था, ‘सोनिया जी की टिप्पणी का मतलब अध्यक्ष पद की पारी पूरी होने को लेकर था, राजनीति से पारी के पूरी होने के बारे में नहीं था।’
महाधिवेशन में सोनिया गांधी ने कहा, ‘यह मेरा सौभाग्य रहा है कि 1998 में पहली बार अध्यक्ष बनीं। इन 25 वर्षों में हमारी पार्टी ने बड़ी उपलब्धियां भी देखीं और गहरी निराशा भी देखी… आप लोगों के सहयोग से हमें ताकत मिली।’ उन्होंने कहा, “पहले 2004 में जीत मिली और फिर डॉक्टर मनमोहन सिंह के नेतृत्व के साथ 2009 में जीत मिली, इससे मुझे व्यक्तिगत तौर पर संतोष मिला। लेकिन यह मेरे लिए सबसे सुखद है कि ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के साथ मेरी पारी का अंत हो सका।”
