पठान ने दावा किया कि जिस सड़क का वह अक्सर इस्तेमाल करता था, वह रेलवे अंडरपास को बनाए जाने के कारण बंद थी। अधिकारी ने कहा कि पठान ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि वह सोमवार शाम अपनी मोटरसाइकिल पर सड़क से गुजर रहा था, तभी परमार ने उसे उधर से जाने से रोका। इसे लेकर उनके बीच बहस हो गई। अधिकारी ने बताया कि इसके बाद झगड़ा बढ़ गया और दोनों समुदायों के सदस्यों ने एक-दूसरे पर पथराव शुरू कर दिया। इस घटना में एक शख्स घायल हो गया। हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची।
पुलिस अधिकारी ने कहा कि दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर दो एफआईआर दर्ज की गई। जिसमें दोनों समुदायों के पांच-पांच आरोपियों को नामजद किया गया है। उन्होंने बताया कि एक एफआईआर में परमार ने पठान और चार अन्य लोगों पर गैरकानूनी तरीके से जमा होने, गालियां देने और पिटाई करने का आरोप लगाया। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 323, 335 (चोट पहुंचाना), 504 (शांति भंग करने के लिए जानबूझकर अपमान), 143, 149 (गैरकानूनी तरीके से जमा होना) और 147 (दंगा) के तहत दोनों समुदायों के पांच-पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
